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LIBRARY UPDATES:-

प्रयास आखिरी सांस तक करना चाहिए, या तो लक्ष्य हासिल होगा या अनुभव दोनों ही बातें अच्छी है.

September 6, 2019

करियर विकल्प........

विज्ञान से 12वीं के बाद करियर विकल्प


साइंस स्ट्रीम की लोकप्रियता.......

परंपरागत रूप से, साइंस स्ट्रीम छात्रों के लिए एक लोकप्रिय पसंद रही है, क्योंकि यह छात्रों के लिए कई रोमांचक और आकर्षक अवसर प्रदान करती है. अधिकांश माता-पिता कक्षा 10 के पूरा होने के बाद अपने बच्चों को साइंस स्ट्रीम का चयन करने के लिए प्रेरित करते हैं, क्योंकि यह ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर प्रोफेशनल और साइंटिफिक कोर्सेज में एडमिशन लेने की एक अनिवार्य शर्त है. एक साइंस स्ट्रीम के छात्र के रूप में छात्रों को   पर्यवेक्षण द्वारा प्राकृतिक घटनाओं से जुड़े विषय वस्तुओं की सिस्टमेटिक साइंटिफिक स्टडी के साथ साथ उनकी थियरेटिकल और प्रैक्टिकल स्टडी भी करना पड़ता है.

मुख्य विषय

साइंस का क्षेत्र एक विस्तृत तथा व्यापक है. इसके अंतर्गत लगभग वो सभी चीजें शामिल है जिसे हम हम देख सकते हैं, स्पर्श कर सकते हैं, सुन सकते हैं, महसूस कर सकते हैं एवं इससे परे भी. जहाँ हम रहते हैं सिर्फ वही दुनिया नहीं बल्कि यह सम्पूर्ण ब्रह्मांड साइंस के दायरे में आता है. आम तौर पर छात्रों को 11 वीं और 12 वीं कक्षा में मुख्यतः फिजिक्स,केमेस्ट्री और बायोलॉजी का अध्ययन करना पड़ता है.इसके अतिरिक्त एक अनिवार्य भाषा तथा मुख्य विषय के रूप में गणित विषय भी होगा जिसका अध्ययन मुख्य स्ट्रीम या ऐच्छिक  विषय के रूप में किया जा सकता है. साइंटिफिक स्टडी डोमेन को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटर साइंस भी फाउंडेशन कोर्स के रूप में एक आधारभूत विषय के रूप में होगा.

फिजिक्स –
फिजिक्स एक नेचुरल साइंस है. इसके अंतर्गत मुख्यतः मैटर और मोशन का अध्ययन किया जाता है. इसके अतिरिक्त इस विषय के जरिये आप यह भी जानेंगे कि मैटर किस तरह से एनर्जी और फोर्स के साथ इंटरैक्ट करते हैं ? यह अपने चारो ओर फैले ब्रह्मांड का अध्ययन करता है. फिजिक्स के एक अभिन्न हिस्सा के रूप में छात्रों को सबसे छोटे प्राथमिक कणों यानि एटम्स और परमाणुओं के साथ-साथ सबसे बड़े सितारों और ब्रह्मांड का भी अध्ययन करेंगे. कक्षा 11 वीं और कक्षा 12 वीं के फिजिक्स में इलेक्ट्रीसिटी,ऑस्ट्रोनॉमी,मोशन,वेव्स,साउंड और लाईट का भी अध्ययन किया जाता है. 

केमेस्ट्री–
केमेस्ट्री में पदार्थों का अध्ययन किया जाता है और यह बताया जाता है कि विभिन्न प्रक्रियाओं के कारण यह कैसे परिवर्तित होता है ? केमेस्ट्री विषय में मैटर के स्ट्रक्चर,कम्पोजीशन,विहैवियर और प्रोपर्टीज तथा केमिकल रिएक्शन के माध्यम से इनके गुणों को कैसे बदला जा सकता है?का अध्ययन किया जाता है. यह फिजिक्स से थोड़ा बहुत मिलता जुलता सब्जेक्ट है. इसमें फिजिक्स के कई कॉन्सेप्ट को पढ़ाया जाता है.

बायोलॉजी –
बायोलॉजी के अंतर्गत जीवित तथा मृत दोनों ही जीवों का अध्ययन किया जाता है. इसमें जीवन और विभिन्न जीवित जीवों का अध्ययन किया जाता है. इसका मुख्य विषय पृथ्वी के विभिन्न जीवन-रूपों के मूल, विकास, संरचना, कार्य, विकास और वितरण की प्रक्रिया को समझना है.बायोलॉजी के तीन प्रमुख सब-डोमेन हैं-

प्राणीशास्त्र (जूलॉजी) –
यह शाखा पशु साम्राज्य से संबंधित है और इसके अंतर्गत उनके व्यवहार, संरचना और शारीरिक विज्ञान का अध्ययन किया जाता है.

वनस्पति साइंस (बॉटनी)-
बॉटनी के अंतर्गत वनस्पति और पौधों से जुड़े सभी तथ्यों का अध्ययन किया जाता है.

माइक्रोबायोलॉजी-
यह बायोलॉजी की वह शाखा है जिसके अंतर्गत सूक्ष्म जीवों का अध्ययन किया जाता है.इस डोमेन के तहत बैक्टीरिया, कवक, और वायरस जैसे सूक्ष्मजीवों का मुख्य रूप से अध्ययन किया जाता है.


स्ट्रीम - विषय समूह

साइंस स्ट्रीम के अंतर्गत छात्रों को दो विषय संयोजन या विकल्पों का चयन करने का विकल्प प्रदान किया जाता है.
पीसीएम -
भौतिकी  (फिजिक्स)+ रसायन (केमेस्ट्री)+ गणित (मैथ्स)
इसे मैथेमेटिक्स ग्रुप के रूप में भी जाना जाता है. इस विषय का चयन वही छात्र करते हैं जो निकट भविष्य में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं.जो छात्र कक्षा 11 वी में इस विषय को लेते हैं उन्हें फिजिक्स,केमेस्ट्री और मैथ्स और उससे संबद्ध विषयों का अध्ययन एक भाषा के साथ उनके प्रमुख विषयों के रूप में करना पड़ता है.
पीसीएमबी -
भौतिकी (फिजिक्स)+ रसायन (केमेस्ट्री) + गणित (मैथ्स) + जीवसाइंस (बायोलॉजी)
पीसीएमबी ग्रुप को बायोलॉजी ग्रुप के रूप में जाना जाता है और इसे उन छात्रों द्वारा पसंद किया जाता है जो चिकित्सा (मेडिकल) या चिकित्सा डोमेन  में अपना करियर बनाना चाहते हैं. इस ग्रुप को लेने वाले छात्रों को मुख्य विषय के रूप में फिजिक्स,केमेस्ट्री,बायोलॉजी और मैथ्स तथा इससे संबद्ध विषय अर्थात माइक्रोबायोलॉजी का अध्ययन किया जाता है. इसके साथ ही उनके सिलेबस के एक हिस्से के रूप में एक अनिवार्य भाषा तथा कम्प्यूटर साइंस/आई टी भी पढ़ना पड़ता है.

सही सब्जेक्ट ग्रुप का चुनाव कैसे करें ?

11 वीं और 12 वीं साइंस स्ट्रीम के छात्रों के लिए सही सब्जेक्ट ग्रुप का चुनाव करना बहुत महत्वपूर्ण है. इस दौरान छात्र जिस विषय का चुनाव करते हैं उसी के आधार पर वे अपनी एकेडमिक स्टडी तथा करियर से जुड़े निर्णय ले पाएंगे.
इसलिए, सही सब्जेक्ट ग्रुप को चुनने के लिए छात्रों को निम्नलिखित कारकों पर विचार करना चाहिए :
अपनी रुचि :
छात्रों को हमेशा अपने इन्ट्रेस्ट के हिसाब से जिस विषय को लम्बे समय तक पढ़ने में आनंद आता है उसी का चयन करना चाहिए न की किसी के दबाव में आकर या किसी का देखा देखि कर. यदि आपको फिजिक्स,केमेस्ट्री मैथ्स अच्छा लगता है तथा आप इन्हें पढ़ते समय सहज रहते हैं एवं आप इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो अवश्य ही पीसीएम आपके लिए आदर्श सब्जेक्ट ग्रुप साबित होगा.
अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचाने :
अपने हित के अतिरिक्त छात्रों को विषय चुनते समय अपनी ताकत और कमजोरियों पर भी विचार करना चाहिए. उदाहरण के लिए आपने  पीसीबीबी का चुनाव किया है क्योंकि आप बायोलॉजी में रूचि रखते हैं लेकिन आपने कक्षा 10 के दौरान उससे जुड़े अध्यायों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है. तब इस परिस्थिति में आपका यह चयन एक सही विचार नहीं हो सकता. क्योकि आगे चलकर आपको इसका वृहद् अध्ययन करना पड़ेगा और मौलिक तथ्यों पर सही पकड़ नहीं होने के कारण भविष्य में आपको परेशानी हो सकती है.

साइंस स्ट्रीम में आगे के अध्ययन का दायरा

जहां तक ​​हाईस्कूल या कक्षा 11 वीं और कक्षा 12 वीं के बाद के स्टडी का सवाल है तो साइंस स्ट्रीम वाले छात्रों के पास चयन करने वाले कोर्सेज तथा करियर विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला होती है. साइंस स्ट्रीम वाले छात्रों को सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि वे पोस्ट ग्रेजुएट या अंडर ग्रेजुएट में अन्य विषय अर्थात आर्ट्स या कॉमर्स का भी चयन कर सकते हैं जबकि अन्य स्ट्रीम वालों को यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती. साइंस स्ट्रीम वाले छात्रों के लिए कुछ बेहतर करियर विकल्प का वर्णन नीचे किया गया है -

इंजीनियरिंग

इंजीनियरिंग शायद उन छात्रों के लिए सबसे लोकप्रिय करियर विकल्प है जो साइंस स्ट्रीम  चुनते हैं. हर साल, लगभग 11 लाख साइंस स्ट्रीम के छात्र जेईई इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम में  बैठते हैं, जो स्पष्ट रूप से इस विकल्प के महत्व और लोकप्रियता को साबित करता है. इंजीनियरिंग स्ट्रीम वाले छात्र देश के आईआईटी जैसे प्रमुख टेक्नोलॉजी स्कूल्स में पढ़ने का अवसर पाते हैं. इसके अतिरिक्त इंजीनियरिंग में कई स्पेशलाइजेशन सब्जेक्ट्स और सबडोमेन हैं जिनका चयन छात्र अपनी योग्यता तथा रूचि एवं वरीयता के आधार पर कर सकते हैं. उनमें से कुछ विशेष स्पेशलाइजेशन हैं -
  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  • सिविल इंजीनियरिंग
  • केमिकल इंजीनियरिंग
  • कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग

मैथ्स ग्रुप्स के छात्रों के लिए अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज

यदि आपकी रूचि इंजीनियरिंग में नहीं है तो आप तीन साल का रेगुलर ग्रेजुएशन कोर्स का भी चयन कर सकते हैं. ये कोर्स देश के लगभग सभी यूनिवर्सिटीज द्वारा ऑफर किये जाते हैं. ये कोर्सेज रेगुलर कोर्सेज होते हैं तथा आपको उनमें से किसी एक सब्जेक्ट में ऑनर्स करना पड़ता है. इसके अंतर्गत विषय के थियरेटिकल पहलुओं के साथ साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर भी व्यापक और विशेष जोर दिया जाता है. मैथ्स ग्रुप के छात्रों के लिए कुछ लोकप्रिय अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज हैं:
  • बीएससी आईटी
  • बीएससी कंप्यूटर साइंस
  • बीएससी केमेस्ट्री
  • बीएससी मैथेमेटिक्स
  • बीएससी फिजिक्स
  • बीएससी होटल मैनेजमेंट
  • बीएससी नौटिकल साइंस
  • बीएससी इलेक्ट्रानिक्स
  • बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन

मेडिकल

साइंस धारा छात्रों के लिए मेडिकल या मेडिसिन  भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण करियर विकल्प है. पीसीबी / पीसीएमबी ग्रुप वाले छात्र अंडरग्रेजुएट तथा पोस्टग्रेजुएट लेवल पर मेडिकल का चयन कर सकते हैं. अंडर ग्रेजुएट लेवल पर छात्र एमबीबीएस का चयन करते हैं. एमबीबीएस एक बहुत ही लोकप्रिय मेडिकल कोर्स है. इसके अतिरिक्त छात्र कुछ अन्य
अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स का भी चयन कर सकते हैं जैसे कि:
  • बीडीएस (दंत चिकत्सा)
  • बीएएमएस (आयुर्वेद)
  • बीएचएमएस (होम्योपैथी)
  • बी.फार्मा (फार्मेसी)
  • बीपीटी (फिजियोथेरेपी)
  • बम्स (यूनानी चिकित्सा)
  • बीएएसएलपी (ऑडियोलॉजी और स्पीच-लैंग्वेज थेरेपी)

मेडिकल ग्रुप स्टूडेंट्स के लिए बैचलर डिग्री कोर्स

मैथ्स ग्रुप के छात्रों की तरह ही बायोलॉजी ग्रुप वाले छात्र अगर मेडिकल फील्ड में नहीं जाना चाहते हैं तो वे बैचलर डिग्री के कोर्सेज का चयन कर सकते हैं. इसके लिए छात्रों के किसी एक विषय में विशेषज्ञता हासिल करने के उद्देश्य से किसी भी विषय में ऑनर्स करना पड़ता है. इस कोर्स को करने के बाद छात्र रिसर्च फील्ड में जा सकते हैं या फिर वे टीचिंग को भी अपना करियर बना सकते हैं. मेडिकल ग्रुप वाले छात्रों के लिए लोकप्रिय बैचलर डिग्री कोर्स निम्नांकित है
  • बीएससी बायोकेमेस्ट्री
  • बीएससी बायोलॉजी
  • बीएससी एनवायरनमेंट साइंस
  • बीएससी बायोटेक्नोलॉजी
  • बीएससी नर्सिंग
  • बीएससी अक्यूपेशनल थेरेपी
  • बीएससी फिजियोथेरेपी
  • बीएससी रेडियोलोजी
  • बीएससी बायो इन्फॉर्मेटिक्स
  • बीएससी एन्थ्रोपोलॉजी
  • बीएससी माइक्रोबायोलॉजी
  • बीएससी जुलॉजी
  • बीएससी फोरेंसिक साइंस
  • बीएससी एग्रिकल्चर
  • बीएससी पैथोलॉजी

बिजनेस

बिजनेस एंड मैनेजमेंट भी एक कोर्स है जिसका चयन साइंस स्ट्रीम वाले छात्र कर सकते हैं.इस फील्ड में करियर तथा एकेडमिक स्कोप बहुत बढ़िया हैं. बहुत सारे ग्रेजुएट लेवल बिजनेस मैनेजमेंट कोर्सेज छात्रों की सुविधा के लिए उपलब्ध हैं, जिनका चयन वे अपनी परिस्थिति तथा रूचि के आधार पर कर सकते हैं. कुछ विशेष कोर्सेज हैं - 
  • बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए)
  • बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस)
  • बैचलर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (बीएमएम)
  • बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट (बीएचएम)
  • इंटीग्रेटेड  बीबीए + एमबीए प्रोग्राम (5 साल)

गैर साइंस बैचलर डिग्री कोर्सेज

साइंस स्ट्रीम के छात्रों के पास गैर-साइंस विषयों में भी ग्रेजुएशन की डिग्री कोर्सेज का चयन करने का विकल्प होता है. यह छात्रों के लिए कई नए रास्ते खोलता है क्योंकि वे आर्ट्स,कॉमर्स, लॉ और अन्य संबद्ध विषयों में प्रमुख प्रोफेशनल कोर्स भी कर सकते हैं. इस क्षेत्र के लोकप्रिय कोर्सेज में शामिल हैं:
  • बीकॉम (सांख्यिकी / गणित)
  • बीएसडब्ल्यू - सोशल वर्क
  • मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म
  • एनिमेशन और मल्टीमीडिया
  • इवेंट मैनेजमेंट

कानून (लॉ)

कानून (लॉ) एक और कोर्स विकल्प है जो कक्षा 12 वीं के बाद साइंस स्ट्रीम के छात्रों के लिए उपलब्ध है. साइंस स्ट्रीम के छात्र इस डोमेन में ग्रेजुएशन लेवल पर इंटीग्रेटेड कोर्सेज ले सकते हैं. इंटीग्रेटेड लॉ कोर्सेज की पेशकश करने वाले कॉलेजों की संख्या सीमित है लेकिन इसमें भविष्य में बेहतर करियर स्कोप की संभावना है.इस डोमेन के लोकप्रिय कोर्सेज विकल्पों में शामिल हैं:
  • बीएससी + एलएलबी
  • बीटेक। + एलएलबी
  • बीकॉम  + एलएलबी
  • बीबीए + एलएलबी

साइंस स्ट्रीम छात्रों के लिए करियर स्कोप

इसमें कोई दो राय नहीं है कि साइंस स्ट्रीम 10 वीं कक्षा के बाद छात्रों के बीच सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा करियर स्ट्रीम है. इस स्ट्रीम की लोकप्रियता का मुख्य कारण यह है कि यह भविष्य में छात्रों के लिए कई आकर्षक करियर के अवसर उपलब्ध कराता है.हाईस्कूल में साइंस स्ट्रीम चुनने के बाद छात्रों के लिए करियर का दायरा काफी विशाल है,क्योंकि आगे चलकर वे किसी भी स्ट्रीम की पढ़ाई कर सकते हैं तथा किसी भी क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं. 

मैथ्स ग्रुप के छात्रों के लिए

जब करियर के अवसरों की बात आती है तो मैथ्स ग्रुप के छात्रों को बड़ा फायदा होता है. अपने कोर्स के आधार पर वे इंजीनियर,साइंटिस्ट,लॉयर,सरकारी कर्मचारी,पायलट, फार्मासिस्ट, आर्किटेक्ट्स टीचर, मैनेजर,डिजाइनर,कंप्यूटर विशेसज्ञ आदि कुछ भी बन सकते हैं.

बायोलॉजी ग्रुप के छात्रों के लिए

बायोलॉजी ग्रुप के छात्रों के लिए करियर का दायरा भी कई करियर के अवसरों के साथ समान रूप से आकर्षक है. ये मुख्यतः डॉक्टर, साइंटिस्ट, दंत चिकित्सक, ऑर्थोडोन्टिस्ट, फार्मासिस्ट, डॉक्टर, नर्स और कुछ अन्य बन सकते है. इनके पास टीचर, लॉयर, डिजाइनर और डिजाइनर  इत्यादि जैसे गैर-साइंस करियर विकल्पों को चुनने की स्वतंत्रता भी होती है.

August 14, 2019

UPDATES FOR ALL..........14.8.19


LIBRARY KENDRIYA VIDYALAYA - BASTI (Shift-I)

Important days of AUGUST month

Month
Date
DAYS
AUGUST
6
HIROSHIMA DAY
AUGUST
9
QUIT INDIA MOVEMENT DAY
AUGUST
12
INTERNATIONAL YOUTH DAY
AUGUST
14
PAKISTAN’S INDEPENDENCE DAY
AUGUST
19
WORLD PHOTOGRAPHY DAY
AUGUST
20
SADBHAVNA DIWAS
AUGUST
29
SPORTS DAY ( DHYANCHAND’S BIRTHDAY)
AUGUST
30
SMALL INDUSTRY DAY
AUGUST
13
ORGAN DONATION DAY



S K PANDEY__LIBRARIAN


July 31, 2019

UPDATES FOR YOU.................................31.7.19

LIBRRAY, KV BASTI (SHIFT-I)


1• सातवीं आर्थिक जनगणना त्रिपुरा राज्य से आरंभ हुई है।

2• एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में बाघों की संख्या है-2967

3• भारतीय बीएसएफ का नया महानिदेशक चयनित किया गया है- वी.के.जोहरी

4• मेघालय विधानसभा के स्पीकर और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री का नाम यह है जिनका हाल ही में निधन हो गया- दोनकुपर रॉय

5• असम में बाढ़ के मानचित्रण के लिए चीन, रूस और फ्रांस ने इसरो के साथ उपग्रह डेटा साझा किया है।

6• किस देश के वैज्ञानिकों ने सुपरबग को नष्ट करने वाले एक नए ड्रग मॉलिक्यूल को विकसित करने की रणनीति बनाई है- भारत

7• भारत और चीन के बीच वार्षिक रूप से आयोजित होने वाले जिस सैन्याभ्यास दिसंबर 2019 के दूसरे सप्ताह में मेघालय में 14 दिन तक चलेगा- हैंड-इन-हैंड.

July 27, 2019

July 8, 2019

CURRENT UPDATES FOR ALL....................8-7-19

LIBRARY, KV BASTI (SHIFT-I)

Q- 1 Where is the headquarters of Centre for DNA Fingerprinting and Diagnostics (CDFD) is located?
Delhi
Hyderabad
Lucknow
Indore

Q- 2 Who is the author of the autobiography ‘Lessons Life Taught Me, Unknowingly”?
Sanjay Dutt
Irrfan Khan
Anupam Kher
Naseeruddin Shah

Q- 3  Who has been elected new chairman of Microfinance Institutions Network (MFIN)?
Harsh Shrivastava
Vineet Chattree
Manoj Kumar Nambiar
Jagadish Ramadugu

July 2, 2019

Reading Day Pledge………..KV Basti

LIBRARY, K V BASTI (Shift-I)

CELEBRATION OF READING MONTH – (19 June – 18 July 2019)








PandeySK

June 22, 2019

World Yoga Day Celebration at KV Basti........21.6.19

CELEBRATION OF 5th INTERNATIOAL YOGA DAY AT KV BASTI












May 30, 2019

CRICKET WORLD CUP 2019

Cricket World Cup 2019 Schedule: Date And Venue

30th May to 14th July 2019

Date

Match

Venue

D/N

Thursday, May 30England vs South AfricaThe Oval, LondonDay
Friday, May 31Pakistan vs West IndiesTrent Bridge, NottinghamDay
Saturday, June 1New Zealand vs Sri LankaCardiff Wales Stadium, CardiffDay
Saturday, June 1Afghanistan vs AustraliaBristol County Ground, BristolD/N
Sunday, June 2South Africa vs BangladeshThe Oval, LondonDay
Monday, June 3England vs PakistanTrent Bridge, NottinghamDay
Tuesday, June 4Afghanistan vs Sri LankaCardiff Wales Stadium, CardiffDay
Wednesday, June 5South Africa vs IndiaHampshire Bowl, SouthamptonDay
Wednesday, June 5Bangladesh vs New ZealandThe Oval, LondonD/N
Thursday, June 6Australia vs West IndiesTrent Bridge, NottinghamDay
Friday, June 7Pakistan vs Sri LankaBristol County Ground, BristolDay
Saturday, June 8England vs BangladeshCardiff Wales Stadium, CardiffDay
Saturday, June 8Afghanistan vs New ZealandCounty Ground, TauntonD/N
Sunday, June 9India vs AustraliaThe Oval, LondonDay
Monday, June 10South Africa vs West IndiesHampshire Bowl, SouthamptonDay
Tuesday, June 11Bangladesh vs Sri LankaBristol County Ground, BristolDay
Wednesday, June 12Australia vs PakistanCounty Ground, TauntonDay
Thursday, June 13India vs New ZealandTrent Bridge, NottinghamDay
Friday, June 14England vs West IndiesHampshire Bowl, SouthamptonDay
Saturday, June 15Sri Lanka vs AustraliaThe Oval, LondonDay
Saturday, June 15South Africa vs AfghanistanCardiff Wales Stadium, CardiffD/N
Sunday, June 16India vs PakistanOld Trafford, ManchesterDay
Monday, June 17West Indies vs BangladeshCounty Ground, TauntonDay
Tuesday, June 18England vs AfghanistanOld Trafford, ManchesterDay
Wednesday, June 19New Zealand vs South AfricaEdgbaston, BirminghamDay
Thursday, June 20Australia vs BangladeshTrent Bridge, NottinghamDay
Friday, June 21England vs Sri LankaHeadingley, LeedsDay
Saturday, June 22India vs AfghanistanHampshire Bowl, SouthamptonDay
Saturday, June 22West Indies vs New ZealandOld Trafford, ManchesterD/N
Sunday, June 23Pakistan vs South AfricaLord’s, LondonDay
Monday, June 24Bangladesh vs AfghanistanHampshire Bowl, SouthamptonDay
Tuesday, June 25England vs AustraliaLord’s, LondonDay
Wednesday, June 26New Zealand vs PakistanEdgbaston, BirminghamDay
Thursday, June 27West Indies vs IndiaOld Trafford, ManchesterDay
Friday, June 28Sri Lanka vs South AfricaThe Riverside, DurhamDay
Saturday, June 29Pakistan vs AfghanistanHeadingley, LeedsDay
Saturday, June 29New Zealand vs AustraliaLord’s, LondonD/N
Sunday, June 30England vs IndiaEdgbaston, BirminghamDay
Monday, July 1Sri Lanka vs West IndiesThe Riverside, DurhamDay
Monday, July 2Bangladesh vs IndiaEdgbaston, BirminghamDay
Wednesday, July 3England vs New ZealandThe Riverside, DurhamDay
Thursday, July 4Afghanistan vs West IndiesHeadingley, LeedsDay
Friday, July 5Pakistan vs BangladeshLord’s, LondonDay
Saturday, July 6Sri Lanka vs IndiaHeadingley, LeedsDay
Saturday, July 6Australia vs South AfricaOld Trafford, ManchesterD/N
Tuesday, July 9Semi-Final (1 vs 4)Old Trafford, ManchesterDay

Tuesday, July 9Semi-Final (2 vs 3)Edgbaston, BirminghamDay


Tuesday, July 14FinalLord’s, LondonDay


May 9, 2019

HAPPY SUMMER VACATION .................10 MAY to 18 JUNE 2019

HAPPY VACATION FOR ALL STUDENTS…………10-5-19 TO 18-6-19

Posted by LibrarianSKP on May 9, 2019

LIBRARY, KV BASTI (SHIFT-I)

GREEN HOUSE GAS……..


कोई भी गैस जो सूर्य से आने वाले लघुतरंगीय विकिरण को तो पृथ्वी पर आने देती है, लेकिन पृथ्वी से वापस जाने वाले दीर्घतरंगीय विकिरण को अवशोषित कर पृथ्वी के तापमान को बढ़ा देती है, ग्रीनहाउस गैस कहलाती है | वर्तमान में मानवीय कारणों से वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती मात्रा वैश्विक तापन व जलवायु परिवर्तन का कारण बन गयी है |

पृथ्वी के वायुमंडल में उपस्थित ग्रीनहाउस गैसों के कारण पृथ्वी से उत्सर्जित होने वाले ताप के अवशोषण और वायुमंडलीय तापमान में वृद्धि की घटना को ग्रीनहाउस प्रभाव कहते हैं | वास्तव में ग्रीनहाउस प्रभाव की घटना के कारण ही पृथ्वी पर तापमान नियंत्रित रहता है और पौधों आदि को उनकी वृद्धि के लिए आवश्यक ताप की प्राप्ति हो पाती है |

ग्रीनहाउस गैसें

वातावरण में प्रकृतिक रूप से पायी जाने वाली ग्रीनहाउस गैसें (GHG) निम्नलिखित हैं:

  • कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) (सबसे प्रमुख ग्रीनहाउस गैस)

  • मीथेन (CH4)

  • जल वाष्प

  • नाइट्रस ऑक्साइड (N2O)

  • फ्लुओरीनीकृत गैसें

मानव द्वारा निर्मित या संश्लेषित ग्रीन हाउस गैसें निम्नलिखित हैं :

  • क्लोरोफ़्लोरोकार्बन (CFCs)

  • हाइड्रो फ़्लोरोकार्बन (HFCs)

  • पर फ़्लोरोकार्बन’ (PFCs)

  • सल्फर हेक्साक्लोराइड (SF6)

ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं :

  • औद्योगिकीकरण

  • नगरीकरण

  • उपभोक्तावादी संस्कृति

  • वाहनों में जीवाश्म ईंधनों के जलने से उत्पन्न धुआँ

  • वनों का विनाश

ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के उपाय

ग्रीनहाउस गैसों  के उत्सर्जन को कम कर वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा को नियंत्रित करना आज की आवश्यकता बन चुकी है, ताकि वैश्विक तापन के दुष्प्रभावों से बचा जा सके| ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के उपाय निम्नलिखित हैं :

  • नवीकरणीय व न्यून प्रदूषणकारी ऊर्जा स्रोतों का अधिक प्रयोग किया जाए

  • टेलीविज़न, रेफ्रीजरेटर, एयर-कंडीशनर आदि ग्रीनहाउस गैसों को उत्सर्जित करने वाली उपभोक्ता वस्तुओं का कम से कम प्रयोग किया जाए

  • वाहनों का कम प्रयोग किया जाए या फिर सीएनजी जैसे कम प्रदूषणकारी ईंधन का वाहनों में प्रयोग किया जाए

  • वनीकरण को बढ़ावा दिया जाए, क्योंकि वृक्ष कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी ग्रीनहाउस गैसों को अवशोषित करते हैं

  • ऊर्जा का विवेकपूर्ण व सतत प्रयोग किया जाए

  • गहरे महासागरों में कार्बन डाई ऑक्साइड का निस्तारण (Disposal),जहाँ वे निम्न तापमान व उच्च दबाव में अर्ध-स्थायी यौगिकों में बदल जाती हैं |

May 8, 2019

RESULT OF CLASS X – 2019

Posted by LibrarianSKP on May 8, 2019


TOPPER OF K V BASTI


SHIFT – I 

1- PRERAK MISHRA                   – 95.6%

2- AHMAD ZAIN                         – 88.8%

3- UDDESHYA PRATAP SINGH  – 87.6%

4- ATITHI SHUKLA                    – 87.2%

5- SHIKHAR KUMAR ANAND     – 86.8%

SHIFT – II


1- MOHD. ASHRAF         – 93.8%

2- YUVRAJ SINGH         – 89.0%

3- KHUSHI BAUDDH     – 86.6%

4- KRITI SINGH            – 86.4%

5- ARPIT SRIVASTAVA – 85.0%

5- YUVRAJ SINGH        – 85.0%


May 3, 2019

RESULT OF CLASS XII

RESULT OF CLASS XII

TOPPER OF KV BASTI – I

SCIENCE STREAM-


1- SHREYA DWIVEDI –         471 

1- SAUMYA SRIVASTAVA-  471

2- GARIMA SHUKLA –         460

3- NIKHIL TRIPATHI –         448

4- VARSHA             –            445

5- ASHU RANI       –             442


COMMERCE STREAM- 


1- KHUSHI CHAUHAN –     428

2- CHANDAN KUMAR-      409

3- ANCHAL KUMAR –         400

4- ASHISH CHAUDHARY-  391

5- SOUMYA   –                    382



SUBJECT WISE TOPPER- 

HINDI-     ADITI VASTAVA – 97

ENGLISH- NIKHIL TRIPATHI- 97

MATHS – KUMARI VARSHA- 94

BIOLOGY- SAUMYA  –           98

PHYSICS – SAUMYA  –           95

CHEMISTRY- GARIMA, SAUMYA, SHREYA, ADITI, ASHU –   95



PANDEY,SK