NEW ARRIVALS

LIBRARY UPDATES:-

प्रयास आखिरी सांस तक करना चाहिए, या तो लक्ष्य हासिल होगा या अनुभव दोनों ही बातें अच्छी है.

September 14, 2012

Important days of SEPTEMBER month


LIBRARY KENDRIYA VIDYALAYA - BHADERWAH

 

Important days of SEPTEMBER month

 

Month
Date
DAYS
SEPTEMBER
5
TEACHER’S   DAY
SEPTEMBER
7
FORGIVENESS   DAY
SEPTEMBER
8
WORLD LITERACY   DAY
SEPTEMBER
10
WORLD SUICIDE PREVENTION   DAY
SEPTEMBER
14
WORLD FIRST AID  DAY
SEPTEMBER
14
HINDI   DIWAS
SEPTEMBER
15
INTERNATIONAL DAY OF DEMOCRACY
SEPTEMBER
16
WORLD OZONE   DAY
SEPTEMBER
21
WORLD  ALZHEIMER’S   DAY
SEPTEMBER
25
SOCIAL JUSTICE  DAY
 
SEPTEMBER
27
WORLD TOURISM   DAY
 

S K PANDEY__LIBRARIAN

September 7, 2012

TEACHER'S DAY CELEBRATION-2012





 
 
SPEECH ON TEACHER'S DAY CELEBRATION- 2012

TEACHER'S DAY CELEBRATION- 2012

 

 

 






TEACHER'S DAY CELEBRATION ON 5 - SEPTEMBER 2012 IN KENDRIYA VIDYALAYA- BHADERWAH  (J&K)
 

August 8, 2012

Deewana Dil Hua Deewana -by------------- S K Pandey


LIBRARY, KENDRIYA VIDYALAYA - BHADERWAH

कैट टेस्ट फॉर द बेस्ट


एक बार फिर कैट (कॉमन एडमिशन टेस्ट) की रणभेरी बज चुकी है। प्रबधंन कॅरियर में युवाओं के लिए ख्वाब सरीखी इस परीक्षा में जोर आजमाइश का दौर भी शुरू हो गया है। ऐसा हो भी क्यों न आखिर यही तो है देश के शीर्ष बी कॉलेजों में जाने का रास्ता। यदि आप भी कैट के जरिए अपने कॅरियर को रौशन करना चाहते हैं तो कमर कस लीजिए क्योंकि आगामी कैट-2012 की तिथि घोषित हो गई हैं।

उच्च शिक्षा के बाजार में आज बीटेक,एमबीए जैसे कोर्स आम हो चले हैं। ज्यादातर छात्र इन कोर्सोकी मदद से अपना सितारा बुलंद करने की चाहत रखते हैं, लेकिन कम ही लोगों को उम्मीदों के मुताबिक डगर मिलती है। हां, यदि आपका संस्थान उम्दा है, वह देश केटॉप इंस्टीट्यूट्स में शुमार है तो जरूर कॅरियर की मंजिल आसान हो सकती है।

ऐसे में कैट एग्जाम आपको भारत के कुछ सबसे बेहतरीन प्रबंधन संस्थानों में दाखिले का मौका देता है। इन दिनों देश के सभी 13 आईआईएम के साथ आईआईटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस (आईआईसी), फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज(एफएमएस)भी अपने प्रबंधन क ोर्सो में कैट स्कोर को मान्यता देते हैं। इस बार कैट परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी आईआईएम,कोझीकोड को दी गई है।

कैसे पार करें कैट की मंजिल --

कै ट में हिस्सा लेने के लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम शक्षिक योग्यता मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ ग्रेजुएशन होती है। कैट परीक्षा में प्राय: दो स्टेज से गुजरना पडता है। पहले ऑनलाइन परीक्षा होती है। इसमें उत्तीर्ण स्टूडेंट्स को संस्थान अपने इलिजिबिलिटी क्राइटेरिया व परसेंटाइल के आधार पर ग्रुप डिस्कशन या इंटरव्यू के लिए आमंत्रित करते हैं। इसमें सफल होने के बाद ही छात्र को आईआईएम में प्रवेश मिलता है। कैट परीक्षा अन्य परीक्षाओं से काफी अलग होती है, क्योंकि यह एक दिन में न होकर महीनों तक चलती है। इस संबंध में विशेषज्ञों का मानना है कि स्टूडेंट्स के लिए बेहतर यही होगा कि वह पहले सप्ताह में ही कैट एग्जाम देने की स्ट्रेटेजी बनाएं। हालांकि कोशिश करें कि शुरू के एक-दो दिन परीक्षा में न बैठें। पहले की भांति इसका फ‌र्स्ट सेक्शन क्वांटिटेटिव एबिलिटी एंड डाटा इंटरप्रिटेशन व दूसरा सेक्शन वर्बल एबिलिटी एंड लॉजिकल रीजनिंग का होगा। परीक्षा में दोनों सेक्शन से कुल 60 प्रश्न आएंगे, जिन्हें सॉल्व करने के लिए कुल 140 मिनट मिलेंगे। एक दिन में दो टेस्टों का प्रावधान है। पहला मॉर्निग और दूसरा ऑफ्टर नून सेशन। आप इनमें से किसी भी समय का चुनाव कर सकते हैं। पहले कैट परीक्षा में तीन सेक्शन होते थे व प्रत्येक से 60-60 प्रश्न आते थे।



लॉजिक से पढें तो बनेगी बात ---

कैट एग्जाम की तारीख घोषित हो चुकी है, परीक्षा की तैयारी में लगे प्रतिभागी नए सिरे से अपनी तैयारियों का खाका खींच रहे हैं। इस बावत हमने बात की कॅरियर लॉन्चर के निदेशक नीरज प्रसाद से। उनका मानना है कि एमबीए कोई कोर्स नहीं बल्कि कैंडीडेट्स की थिंकिं ग डेवलेपमेंट करने का प्रोसेस है। इसलिए बाकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह किताबों, एक बंधे बंधाए पैटर्न?से पढ यहां पर्सेटाइल तो लाए जा सकते हैं लेकिन आगे नहीं बढ सकते। लिहाजा इस कॅरियर में ग्रोथ के लिए आवश्यक है कि कैंडीडेट्स अपनी सोच क ो तर्कपूर्ण बनाएं व लॉजिक से पढें। आगामी कैट परीक्षा की तैयारी के बारे में उनका कहना है कि बचे हुए 3-4 महीनों में डीप स्टडी नहीं की जा सकती। ऐसे में सर्वश्रेष्ठ यही होगा कि आप पिछले सालों में आए कैट प्रश्न पत्रों की प्रैक्टिस करें, उनका रीवीजन करें, ऑन लाइन मॉक टेस्ट का सहारा लें।


करो कैट को क्रॉस

परीक्षा कोई भी हो कामयाबी तभी मिलती है,?जब मेहनत के घोल में रणनीति का रंग मिलाया जाए। कैट एक ऐसी ही परीक्षा है?जहां मेहनत तभी रंग लाएगी, जब आप एक सोची-समझी योजना के तहत काम करेंगे.



इंग्लिश करेगी काम आसान



कैट में यदि आप इंग्लिश में कहीं भी कमजोर पडे तो समझो आईआईएम का लक्ष्य ओझल हुआ। यहां मुख्य रूप से आपकी इंग्लिश अंडरस्टैंडिंग क्षमताएं परखी जाती है। इसमें कॉम्प्रिहेंसन पैसेज, स्ट्रक्चर एंड ग्रामर ऑफ सेंटेश, वर्ड सब्स्टीट्यूशन पर सर्वाधिक जोर होता है। ऐसे में अच्छी परफॉर्मेस के लिए आपको अपनी रीडिंग हैबिट बढानी होगी। इस दौरान तरह-तरह के आर्टिकल, न्यूज पेपर, मैगजीन, अलग-अलग विषयों पर लिखी पुस्तकें आपके काफी काम आ सकती है। कई बार इन्हीं किताबों से कॉम्प्रिहेंसन पूछ लिए जाते हैं। इंग्लिश की तैयारी के बारे में पिछली कैट परीक्षा में 97.7 पर्सेनटाइल लाने वाले रोहित कुमार का कहना है? कि इसमें बेहतर करने के लिए आवश्यक है कि आप ज्यादा से ज्यादा रीडिंग करें। खुद अपने बारे में वे कहते हैं कि कैट में इंग्लिश उनका कमजोर पक्ष था उसकी भरपाई?के लिए उन्होंने अधिक से अधिक नए शब्द सीखने पर जोर दिया, इंग्लिश अखबारों के एडिटोरियल पेज पढने की आदत डाल ली।



क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड



कैट एग्जाम में अच्छे पर्सेटाइल लाने में क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (क्यूए) की बडी भूमिका होती है। इसके लिए हाईस्कूल, इंटर लेवल मैथ्स के बेसिक्स पर ध्यान देना बेहतर होगा। जरूरी नहीं कि तैयारी के लिए आप सीधेआईआईटी लेवल पर उतर आएं। अच्छा तो यह होगा कि पहले बेसिक्स मजबूत किए जाएं। खुद विशेषज्ञ स्वीकार करते हैं कि कैट एग्जाम में एलजेब्रा व क्वांटिटेटिव एबिलिटी का हिस्सा करीब 50-60 फीसदी होता है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही कैंडीडेट्स के लिए घातक हो सकती है। इसमें आने वाले टॉपिक्स में कॉम्बिनेशन, नंबर थ्योरी, प्रोबेबिलिटी पर कैंडीडेट्स को अधिक ध्यान देना होगा। क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन के बारे में कै ट 2011 में 91.51 पर्सेटाइल लाने वाले वैभव वर्मा?कहते हैं कि कॉम्पटीशन के इस हिस्से में बेहतर करने के लिए आपको आधार-भूत गणित, उसकी व्यवहारिक गणनाओं पर खासा ध्यान देना होगा। यदि प्रारंभिक स्तर की गणित पर आपकी पकड मजबूत है तो उसी को और धार दें, अलग से पढने की उतनी जरूरत नहीं है।



डरें मत लॉजिकल रीजनिंग से



कई? छात्रों के लिए लॉजिकल रीजनिंग बडी सिरदर्द होती है। इसलिए जरूरी होगा कि पहलेइसडर को भगाकर टू दि मार्क? तैयारी की जाए। इसमें वर्बल, नॉन वर्बल, लॉजिकल पजल्स, नबंर पजल, सिटिंग अरेंजमेंट से जुडे सवाल पूछे जाते हैं। इन्हें हल करने में वक्त तो लगता है। कई?बार एक्यूरेसी के अभाव में ये पूरा टाइम प्लान ही चौपट क र देते हैं। बकौल विशेषज्ञ कैट का यह एक ऐसा हिस्सा है? जो अमूमन सभी परीक्षाओं में पूछा जाता है। इसलिए इस पर पकड बनाना तो वैसे भी जरूरी है, पर जहां तक बात कैट की है तो यहां लगातार प्रैक्टिस का कोई? विकल्प नहीं है। कैट 2011 में 98.90 पर्सेटाइल अर्जित कर आईआईएम कलकत्ता, लखनऊ में फाइनल सेलेक्शन पाने वाले शास्वत शाह इस बारे में कहते हैं?कि तैयारी के दौरान बाकी छात्रों की तरह मैं भी एलआर को लेकर आशंकित था, पर पुराने प्रश्नपत्रों को हल करने से मुझे बहुत कॉन्फिडेंश मिला।



कारगर है डेटा इंटरप्रिटेशन



कैट एग्जाम में कैंडीडेट्स की तार्किक क्षमताएं भी परखी जाती हैं। प्रश्नपत्र में आने वाले लॉजिकल रीजिंनिंग व डेटा इंटरप्रिटेशन के जरिए छात्रों के ऐसे ही कौशल का पता लगाया जाता है। इस सेक्शन में मुख्यत: ग्राफ आधारित सवाल आते हैं। इसकी तैयारी में पुराने प्रश्नपत्र काफी मददगार हो सकते हैं। प्रश्न पत्र के इस हिस्से की तैयारी के बावत गत कैट परीक्षा में 99.77 का शानदार पर्सेटाइल छूने वाली श्रेया मीरानी कहती हैं कि इस तरह के सवालों के लिए उन्होंने लगातार अभ्यास को अपना हथियार बनाया। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस सेट, ऑन लाइन मॉक टेस्ट खासे उपयोगी साबित हुए। यहीं नहीं तय समय सीमा में प्रश्नों को हल करने की प्रैक्टिस भी असल परीक्षा में खूब काम आई। आने वाली परीक्षा में यदि स्टूडेंट्स यही फार्मूला अपनाते हैं तो जीत तय है।



कैट 2012: जानिए एग्जाम स्ट्रक्चर



इस बार कैट में 70-70 मिनट समयावधि के दो सेक्शन होंगे। जिसमे पहला प्रश्नपत्र क्वांटिटेटिव एबिलिटी +डाटा इंटरप्रिटेशन का (21+9 प्रश्न क्रमश:) व दूसरा पेपर इंग्लिश+लॉजिकल रीजिनिंग का (21+9 प्रश्न क्रमश:) होगा। इस तरह प्रत्येक सेक्शन से 30-30 प्रश्न पूछे जाएंगे।



सिलेबस की परख है अहम



कैट की परीक्षा ऑनलाइन होती है। जिसके अंतर्गत क्वांटिटेटिव एबिलिटी, डाटा इंटरप्रिटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग, इंग्लिश से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्नों का स्टैंडर्ड ग्रेजुएशन लेवल का होता है। क्वांटिटेटिव एबिलिटी के अंतर्गत ज्योमेट्री, अलजेब्रा, प्रॉफिट एंड लॉस, परसेंटेज, वर्क एंड टाइम,मेंशुरेशन, सेट थ्योरी, वेन डायग्राम, प्रोबेबिलिटी आदि से काफी संख्या में प्रश्न आते हैं। वहीं डाटा इंटरप्रिटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग में ग्राफ्स, टेबल्स, चार्ट, विजुअॅल रीजनिंग, कोडिंग डिकोडिंग आदि से प्रश्न पूछे जाते हैं। जबकि अंग्रेजी में पैसेज, वोकेब्युलरी, फिल इन द ब्लैंक्स,जंबल पैराग्राफ्स, पंचुऐशन, प्रोवर्ब एंड फ्रेज, समरी से संबंधित प्रश्न आते हैं। कैट को छोड दें तो कई दूसरे प्रबंधन कोर्सो में करेंट अफेयर्स की भी अहम भूमिका होती है। इसकेअंतर्गत आर्थिक घटनाक्रम, महत्वपूर्ण निर्णय, बडे मर्जर, समितियां, कंपनियों की पंच लाइन, आर्थिक समूह ,राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठन व उनके प्रमुख, सामाजिक, राजनीतिक गतिविधियां, विज्ञान, खेल आदि से जुडे सवालों को प्राथमिकता दी जाती है।

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July 20, 2012

KNOW ABOUT JAMMU & KASHMIR..........................................

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KNOW ABOUT JAMMU & KASHMIR..........................................




Country-        India


Established-       1947-10-26


Capital-         Jammu (winter)


                     Srinagar (summer)




Largest city-       Srinagar

 
Districts-              22


Government-
• Governor-    Narinder Nath Vohra
 • Chief Minister-  Omar Abdullah (NC)



• Legislature-  Bicameral (89 + 36 seats)

 
• Total Area-   222,236 km2 (85,806 sq mi)

 Area rank--       6th


• Total Population (2011)--    12,548,926


• Population Rank-         18th

Literacy-        66.7% (21st)


Official languages-    Urdu, Kashmiri, Dogri



Website-           jammukashmir.nic.in


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July 12, 2012

Some Useful Abbreviations for You.............................Pandey, S K

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Some Useful Abbreviations  for You..........



1. ATM =Automated Teller Machine

2. MNP= Mobile Number Portability

3. LCD =Liquid Crystal Display

4. CFL =Compact Fluorescent Lamp

5. DIN =Document Identification Number

6. SIM =Subscriber Identity Module

7. GSM =Global System for Mobile

8. STD =Subscriber Trunk Dialing

9. ASLV =Augmented Satellite Launch Vehicle

10. CDMA =Code Division Multiple Access


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June 10, 2012

विज्ञान के क्षेत्र से जुड़ी जानकारियों से रहें अपडेट..............


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विज्ञान के क्षेत्र से जुड़ी जानकारियों से रहें अपडेट..

1. पिछले दिनों वैज्ञानिकों की एक टीम ने यह खोज की कि नासा द्वारा विभिन्न फलों के तत्वों से निर्मित स्पेस ड्रिंक (जो अंतरिक्ष यात्रियों को रेडिएशन से बचने के लिए दिया जाता है) झुर्रियों, दाग व सूर्य की घातक किरणों से बचाव करता है। यह स्पेस ड्रिंक कौन सी है?
(क) एएस10
(ख) एटी 10
(ग) एनपी 10
(घ) टीटी 10

2. यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने 80 साल पुरानी वह अनसुलझी समस्या हल कर दी है कि आखिर पौधे, फूलने के उचित समय को कैसे जानते हैं। क्या आप उस प्रोटीन का नाम बता सकते हैं, जिसे पौधे फूलने से पहले स्नावित करते हैं?
(क) फ्लावरिंग लोकस टी
(ख) फ्लावरिंग टी
(ग) फ्लावरिंग नोकस पी
(घ) फ्लावरिंग पी

3. हाल ही में एमआईटी के वैज्ञानिकों ने ऐसी डिवाइस विकसित की है, जो बिना सुई के त्वचा के जरिए लगभग ध्वनि की रफ्तार से दवा को शरीर में पहुंचा सकती है। इस डिवाइस के मुख्य भाग कौन से हैं?
(क) लेजर और इलेक्ट्रिक करंट
(ख) लेजर व चुंबक
(ग) शक्तिशाली चुंबक और इलेक्ट्रिक करंट
(घ) एक्सरेज और इलेक्ट्रिक करंट

4. पिछले दिनों सौर्यचालित विमान ने पहली बार एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप की उडान भरी। यह सौर्यचालित विमान कौन सा है?
(क) सोलर एअॅर
(ख) एअॅर इम्पल्स
(ग) सोलर इम्पल्स
(घ) सोलर एअॅर इम्पल्स

5. इम्पीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा अल्ट्रासेंसिटिव टेस्ट विकसित किया है, जो प्रोस्टेट कैंसर समेत कई बीमारियों को अति प्रारम्भिक अवस्था में पता लगाने में मदद कर सकता है। इस टेस्ट को क्या कहा जाता है?
(क) बॉयोमार्कर टेस्ट
(ख) बॉयोसेंसर टेस्ट
(ग) बॉयोमार्कर-बॉयोसेंसर टेस्ट
(घ) बॉयोमेडिकल टेस्ट



उत्तर- 1.क, 2.क, 3.ग, 4.ग, 5.ख

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June 3, 2012

डीएसई में कॅरियर-----------------------


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आप भी यदि एलआईसी से जुडना चाहते हैं, तो इसमें एंट्री के कई तरह के रास्ते हैं। हाल ही में एलआईसी ने डायरेक्ट सेल्स एग्जीक्यूटिव पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

 
योग्यता व सेलेक्शन
डायरेक्ट सेल्स एग्जीक्यूटिव के लिए किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री अनिवार्य है। इसके साथ अंगे्रजी की जानकारी अपेक्षित है। डीएसई पदों के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष निर्धारित है। डीएसई पदों के लिए भी एलआईसी परीक्षा लेती है। पहले लिखित परीक्षा होगी और इसमें उत्तीर्ण स्टूडेंट्स का इंटरव्यू होगा। लिखित परीक्षा के अंतर्गत एक ऑब्जेक्टिव टाइप का पेपर होगा। ऑब्जेक्टिव टाइप के अंतर्गत रीजनिंग एबिलिटी, न्यूमेरिकल एबिलिटी, जनरल नॉलेज से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।


बेहतर तैयारी से बनेगी बात

बाजार में ऐसी किताबें और गाइड्स मौजूद हैं जिनमें पिछले वर्षों के प्रश्न व उत्तर दिए होते हैं। ऐसी गाइड से अपनी मुकम्मल तैयारी कर सकते हैं। न्यूमेरिकल और रीजनिंग के लिए अधिक से अधिक अभ्यास से ही सफलता मिल सकती है। इसलिए इन दोनों विषयों का खूब अभ्यास करें। स्वयं की तैयारी परखने के लिए आप घर में ही निर्धारित समय-सीमा के अंदर सभी प्रश्नों को हल करने की कोशिश करें।


इससे समय रहते आपको अपनी कमजोरी का अहसास हो जाएगा और आप अपनी कमजोरी को दुरुस्त करते हुए एग्जामिनेशन में बैठ सकेंगे। यदि आप लिखित परीक्षा में सफल होते हैं,तो आपको इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। साक्षात्कार में सफल होने के लिए तैयारी बेहद जरूरी है, क्योंकि ऐसा करने से जॉब मिलने की संभावना बढ जाती है। यदि आप साक्षात्कार के लिए जा रहे हैं, तो मानसिक रूप से तैयार होने के साथ-साथ आवश्यक जानकारी भी जरूर हासिल कर लें। दरअसल, कई बार इस तरह की बातें भी सामने आई हैं कि कुछ लोग नई नौकरी हासिल करने से पहले ही उसे खो देते हैं, क्योंकि वे साक्षात्कार के लिए समुचित तैयारी नहीं करते हैं। यह सच है कि यदि आप थोडी-सी जानकारी और समझदारी से काम लें, तो आपके लिए साक्षात्कार को फेस करना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा। इसके लिए बेहद जरूरी है कि आप सकारात्मक भाषा का प्रयोग करें। हां, इस दौरान किसी प्रकार की शेखी बिल्कुल न बघारें और न ही अपनी उपलब्धियों पर गर्व करें। सीधे और साधारण शब्दों में ही अपनी बातों को साक्षात्कारकत्र्ता के सामने रखें। अपनी कमजोरियों और त्रुटियों के बारे में अपने आप कोई जानकारी न दें। हां, यदि आपसे इनके बारे में पूछा जाए, तो ईमानदारी से जवाब दें।


टाइम मैनेजमेंट है अहम
परीक्षा की तैयारी में सफलता तभी मिलती है, जब टाइम मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हैं। टाइम मैनेजमेंट का मतलब है स्पष्ट तौर पर तय किए गए लक्ष्यों को एक निश्चित समय में सफलतापूर्वक हासिल करना।
अगर लक्ष्य नहीं होगा तो टाइम मैनेजमेंट की जरूरत ही नहीं होगी। टाइम को ठीक से मैनेज नहीं करेंगे तो लक्ष्य पाना मुश्किल हो जाएगा। लक्ष्य या फिर प्राथमिकताएं तय करना टाइम मैनेजमेंट की पहली सीढी है। लक्ष्य तय हो तो उसे पाने का रास्ता आप आसानी से तैयार कर सकते हैं। इसके बाद आप अपने लिए एक रूटीन तैयार कर लें। अपने रूटीन पर बिल्कुल फोकस रह कर अमल कीजिए। यही टाइम मैनेजमेंट का की-फैक्टर है। आप देखें कि पिछले हफ्ते में अगर आप अपने रूटीन पर पूरी तरह अमल नहीं कर पाए हैं तो उस रही सही कसर को आने वाले हफ्ते में पूरा करने की कोशिश करें। इस तरह की रणनीति से आप किसी भी परीक्षा में सफल हो सकते हैं।



SANTOSH PANDEY


May 15, 2012

व‌र्ल्ड दिस वीक--22 to 28 April 2012

देश की बात--





-नक्सलियों की पकड से छूटे डीएम।


-शीना अग्रवाल बनीं टॉपर


बांग्ला फिल्मों के मशहूर अभिनेता सौमित्र चटर्जी को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया गया है। विज्ञान भवन में आयोजित 59वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया। इस दौरान सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार देउल(मराठी) और ब्यारी को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ निर्देशन के लिए अन्हें घोडे दान, सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म के लिए चिल्लर पार्टी को सम्मानित किया गया। इस बार से हर बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 3 मई (फिल्म राजा हरिशचंद्र की रिलीज की तिथि) क ो दिए जाएंगे।


-आइएएस परीक्षा में महिलाओं का जलवा। शीना अग्रवाल बनीं टॉपर। रुक्मिणी रियाड को दूसरी पोजीशन।


-12 दिनों क कै द के बाद नक्सलियों की पकड से छूटे सुकमा के कलेक्टर एलेक्स मेनन।






खेल के मैदान से


-रियाल बना चैम्पियन


-नरसिंह यादव को ओलंपिक टिकट


-रियाल मैड्रिड ने 4 साल बाद स्पेनिश लीग खिताब जीता। फाइनल में एथलेटिक बिल्बाओ को 3-0 से पराजित कर 32वीं बार खिताब अपने नाम किया।


-नरसिंह यादव को ओलंपिक का टिकट।


हेलसिंकी में चल रही विश्व ओलंपिक कुश्ती क्वालीफायर के फाइनल में पुहंच ओलंपिक में जगह पक्की की।


-स्पॉट फिक्सिंग मामले में पाक गेंदबाज मोहम्मद आसिफ रिहा।






बात अर्थ जगत की


-प्रणव मुखर्जी एडीबी बोर्ड ऑफ गर्वनेंस अध्यक्ष


-लॉन्च हुई ऑडी ए4


-अमेरिका में एक बार फिर ऑक्यूपाई वॉलस्ट्रीट का आरंभ। न्यूयॉर्क समेत देश के कई बडे वित्तीय केंद्रों में लोगों का प्रदर्शन।


-जर्मन ऑटोमाबाइल कंपनी ऑडी ए4 भारतीय बाजार में लॉन्च की गई।






दुनिया भर की


-सार्वजनिक होंगे लादेन के दस्तावेज


-रूस में विस्फोट

चीन ने अपनी जीपीएस प्रणाली बनाने की ओर बडा कदम बढाया है।। इस प्रयास में उसने बीते दिनों बीदो सीरीज के दो नेवीगेशनल सैटेलाइट लॉन्च किए। नेवीगेशनल तकनीक के जरिए इन सैटेलाइट से किसी व्यक्ति वचीज के ठिकाने का आसानीसे पता लगाया जा सकता है।


-सार्वजनिक होंगे लादेन के दस्तावेज। एबटाबाद हमले के दौरान जब्त अहम जानकारियां इंटरनेट पर डाली जाएंगी।


-रूस के कॉके शस इलाके में हुए दो विस्फोटों में 15 की मौत।






खबरें आस-पास


-सैमसंग ने लॉन्च किया गैलेक्सी एस-3


-नहीं रहीं अचला सचदेव

गुजरे जमाने की मशहूर अभिनेत्री अचला सचदेव (91) नहीं रहीं। वे पिछले कुछ महीने से बीमार चल रहीं थी। अपने जोरदार अभिनय से चरित्र में रंग भर देने वाली अचला को फिल्म वक्त में बलराज साहनी की पत्नी के रूप से सबसे ज्यादा पसंद किया गया। फैशनेबल वाइफ उनकी पहली फिल्म थी। मेरा नाम जोकर, कल आज और कल, आग आरजू उनकी नामी फिल्में हैं।


-मशहूर चित्रकार एडवर्ड मंक की कलाकृति द स्क्र म 11.9 करोड डॉलर में नीलाम। यह अब तक की नीलाम होने वाली सबसे महंगी कलाकृति है। अभी तक स्पेन के महान चित्रकार पाब्लो पिकासो की न्यूड ग्रीन लीव्स एंड बस्ट सबसे महंगी पेटिंग थी।


-भारतीय सिनेमा का अपने सौवें वर्ष में प्रवेश। 3 मई 1913 को धुंदिराज गोविंद फाल्के उर्फ दादा साहेब फ ाल्के कृत भारत की पहली फिल्म राजा हरिश्चंद्र रिलीज हुई थी।


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May 6, 2012

पांच मंत्र जो बनाए सक्सेस का ट्राइएंगल--


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पांच मंत्र जो बनाए सक्सेस का ट्राइएंगल

पांच मंत्र जो बनाए सक्सेस का ट्राइएंगल
सफलता का महान वृक्ष उन छोटे-छोटे दिखने वाले गुणों में छिपा होता है, जिनकी हम अक्सर उपेक्षा करते हैं। वे हमें इसलिए भी निरर्थक लगते हैं, क्योंकि बचपन से हम उनके बारे में सुनते आ रहे हैं लेकिन अचरज तो तब होता है, जब हम इस पुराने बेकार से दिखने वाले चिराग को घिसते हैं और कामयाबी का जिन्न आ खडा होता है। इस कामयाबी के लिए तीन की व‌र्ड्स हैं-नॉलेज, स्किल्स और एक्शन। मंजिल कहीं भी हो, रास्ता यहीं से गुजरेगा।
अप्रैल का महीना हर लिहाज से एक नई शुरुआत लेकर आता है। अप्रैल और मई के बीच प्राय: सभी एकेडमिक और प्रोफेशनल एग्जाम हो जाते हैं और उन्हें अपनी कमियों और गुणों का पता भी चल जाता है। हर कोई सफल होना चाहता है, लेकिन सफलता चंद लोगों को ही मिलती है। पर अहम सवाल है, कि इन्हें कैसे पाया जाए, आखिर कैसे अब तक क्षितिज में दिखने वाली इन चीजों को मुट्ठी में कैद किया जाए। इस संबंध में कामयाब लोगों का मानना है कि अगर आपके पास नॉलेज, स्किल्स और एक्शन है, तो आप किसी भी क्षेत्रों में सफल हो सकते हैं। आपकी सुविधा के लिए यहां सफलता के महत्वपूर्ण की व‌र्ड्स दिए जा रहे हैं, जिसे अपनाकर आप भी सफल हो सकते हैं..
नॉलेज

1. परफैक्ट बेसिक्स नॉलेज

क्रिकेट का बल्ला थामने वाले किसी भी नए खिलाडी को उसके कोच की पहली सीख यही होती है कि बैटिंग के दौरान अपना सिर स्थिर रखो, ज्यादा से ज्यादा सीधे बैट इस्तेमाल करो, कदमों क ा मूवमेंट ठीक रखो। क्रि केट के ये कुछ ऐसे बेसिक्स हैं, जिनको फॉलो किया जाए तो चाहें कैसी पिच हो, कैसा भी गेंदबाज हो, रन बनना तय है। ठीक इसी तरह कॅरियर की पिच पर भी यदि आप अपना बेसिक्स क्लियर रखते हैं तो कामयाबी निश्चित है। आप किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हों, यदि आपको पिछली कक्षाओं में पढाए जाने वाले सवालों, फार्मूलों का आधारभूत ज्ञान है, तो प्रतियोगिता का चक्रव्यूह तोडना आसान है। कंपटीशन काफी बढ गया है। स्टूडेंट्स इन दिनों प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी परीक्षा से कई वर्ष पहले ही शुरू कर देते हैं। अगर परीक्षा में सफल स्टूडेंट्स को देखें तो उन्हीं को सफलता मिली है, जिनका बेसिक्स क्लियर रहा है।

2. सही समय पर सही वर्क

अगर आप सफल होना चाहते हैं, तो आपको यह नॉलेज रखना ही होगा कि कौन वर्क पहले और कौन बाद में करना है। इसके अभाव में योग्य रहते हुए भी असफल व्यक्ति बन सकते हैं। दिन में 24 घंटे होते हैं और हर किसी को इतना ही समय मिलता है। अब यह आप पर है कि कैसे इसकी कीमत पहचान अपनी तकदीर लिखते हैं या इन्हें दरकिनार करते हैं। स्टूडेंट्स के लिए वक्त की अहमियत कई गुना है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि कपंटीशन क तैयारी में लगे छात्रों के लिए एक-एक मिनट कीमती है। यदि वे यहां लगातार डेडलाइन बेस्ड स्टडी करते हैं। अपने सभी सब्जेक्ट्स को बराबर समय देते हैं तो किसी भी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। स्टडी ही नहीं, अगर आप जॉब या स्वरोजगार कर रहे हैं, तो इसमें भी टाइम मैनेजमेंट का अहम रोल होता है। यही कारण है कि हर सफल लोग इसे वरीयता सूची में रखते हैं।

3. बढाएं व्यावहारिक नॉलेज

पुरानी कहावत है पढो और साथ में गढो, गढो यानि व्यवहारिक अनुभव अर्जित करो। स्वरोजगार के क्षेत्र में इसकी कदम दर कदम जरूरत पडती है। जानकार भी मानते हैं कि यदि आप किसी क्षेत्र में खुद का कोई,काम प्रारंभ कर रहे हैं, तो उस काम की व्यवहारगत कार्यप्रणाली, बारीकियां व समस्याएं समझना आवश्यक है। इसके लिए संबंधित इंडस्ट्री में थोडे दिन बतौर कर्मचारी काम करना अच्छा विकल्प है। आपने भारतीय मूल की ब्रिटिश उद्योगपति परवीन वारसी जिन्हें लोग प्यार से समोसा क्वीन कहते हैं, का नाम सुना ही होगा। परवीन हर बीतते वक्त के साथ ब्रिटिश उद्योग जगत में चमक बिख्ेारती जा रही हैं। अपनी तरह की पहली महिला उद्यमी परवीन ने जब 70 के दशक में डर्बी स्थित अपने घर से खाना खिलाने का यह काम शुरू किया तो उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि वे एक दिन ब्रिटेन की सबसे धनी महिला उद्यमी बन जाएंगी। खुद उनके ही शब्दों में क्लियर विजन, डिटरमिनेशन, हार्ड वर्क , डिसीजन मेकिंग जैसी चीजों ने उन्हें यहां तक पहुंचाया है। यह सभी गुण निरंतर कार्य करते हुए सीखा जा सकता है। इसके लिए कोई उम्र सीमा और स्थान नहीं है।

4. मौलिकता में है सफलता

किसी ने सच ही कहा है कि कितनी हैरानी की बात है कि इंसान हर समय, हर किसी से मांगता ही रहे, मांगे हुए विचार, उधार ली गई योजनाएं, नकल किए गए हाव-भाव, दूसरों के निर्णयों की मोहताज जिंदगी. क्या ऐसा व्यक्ति कभी सफल हो सकता है, उपरोक्त तथ्य से आज के जमाने में मौलिकता की कीमत समझी जा सकती है। आज सभी क्षेत्रों में मौलिकता की मांग है। अगर आप में मौलिक सोच हो, तो आप कई क्षेत्रों में सफलता की बुलंदियों को छू सकते हैं। इसलिए कहा भी जाता है कि सफल होनेवाले कोई काम अलग नहीं करते हैं, बल्कि उसी काम को अलग ढंग से करते हैं। इस तरह की सोच आप में है, तो आप बेहतर कल की कल्पना कर सकते हैं।

5. समझें लोन व सरकारी नियम

एमबीए सब्जीवाला के नाम से मशहूर कौशलेंद्र का कहना है कि कोई भी रोजगार शुरू करने से पहले यदि आप इससे संबंधित सरकारी नियम व लाभ के बारे में अवगत होते हैं, तो आधी दूरी आप यूं ही तय कर लेते हैं। आजकल स्वरोजगार के क्षेत्र में अवसर का बाईपास तैयार हो चुका है। आप चाहें तो इस बाईपास की मदद से कॅरियर का लंबा व उबाऊ रास्ता आसानी से तय कर सकते हैं। इस काम को सरकारी स्कीमें आसान बना रही हैं। लेकिन इसका फयदा उठाने के लिए आपको इनकी पूरी जानकारी रखनी होगी। जरूरी डॉक्यूमेंट्स व कागजी कार्रवाई के लिए संबंधित संस्थान से पूरी जानकारी अपेक्षित है। इस दौरान अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन भी अनिवार्य शर्त है।

एक्शन

1. करो निर्भय निर्णय का नाद
जोदि तोर डाक शुने केऊ न आशे, तोबे एकला चलो रे कविवर रवीद्र नाथ टैगोर ने ये शब्द आज से सालों पहले देश के बुझे जनमानस में नए प्राण फूंकने के उद्देश्य से कहे थे, सोच थी कि इन शब्दों के पाथेय से ऊर्जा ले देशवासी न केवल नए भारत,का सपना देखेंगे, बल्कि इस सपने को हकीकत की जमीन पर भी उतारेंगे। भले ही इसके लिए साथ देने वाला कोई न हो। एकला चलो का यह संदेश कॅरियर के मामले में भी उतना ही सटीक है, जो यह बताता है कि कॅरियर पथ पर कामयाबी उनको ही मिलेगी, जिन्हें इन रास्तों पर बेखौफ चलने का शऊ र आता हो। विशषज्ञों की राय भी इस बाबत जुदा नहीं है। उनका मानना है,कि कॅरियर कोई भी क्यों न हो, एक बार यदि आपने उस पर चलने का निर्णय ले लिया है तो उस निर्णय को अंजाम तक पहुंचाना आपका ही दायित्व होगा। ऐसे में बेहतर होगा कि आपने जो भी फैसला लिया है, उसे अपनी निर्भयता से सफल बनाएं।

2. मेहनत का नहीं है विकल्प
जानी मानी कथाकार व हैरी पॉटर सीरीज की लेखिका जेकेरोलिंग की जीवनी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का सबब है, जो सफलता तुक्केसे नही मेहनत से अर्जित करना जानते हैं। आज जो जेके रोलिंग टाइम मैग्जीन, फो‌र्ब्स में सुर्खियां पा रही हैं, बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि शोहरत की ऊंचाई छूने से पहले वे बेहद साधारण व संघर्षमय जीवन जी रही थीं। खुद उनके शब्दों में बच्चों की परवरिश, जीवकोपार्जन की जिम्मेदारी के पाटों में पिसती उनकी जिंदगी में केवल रात के ही कुछ पल होते थे, जिसमें वो लेखन कार्य कर पाती थीं, दिन की कडी मेहनत और रात-रात भर जागकर किए गए अनवरत लेखन का ही परिणाम है कि आज मैं यहां तक पहुंच पाई। आपमें से हर किसी के पास जेके रोलिंग बनने की क्षमता और नजरिया है।,जरूरत है,तो बस मेहनत की हदें पार करने की।


3. पहले सोचें और पहले एक्शन लें
आपके विचारों में यदि अविश्वास का घुन लग गया तो विशाल उपलब्धियों की इमारत भी पल भर में ढेर हो जाएगी। संभव है स्वामी रामतीर्थ,ने ये शब्द किसी और परिप्रेक्ष्य में कहे हों, लेकिन आज तेज प्रतिस्पर्धा से भरे कॅरियर में ये शब्द अपनी खास महत्ता रखते हैं। यूं तो खुद पर विश्वास जिंदगी के हर क्षेत्र में काम आता है। लेकिन एक एंटरप्रेन्योर बगैर आत्मविश्वास के एक कदम भी आगे नहीं बढ सकता। स्वरोजगार की राह में सफल वही है, जो न केवल दूसरों से पहले सोचे बल्कि इसे दूसरों से पहले जमीन पर भी उतारे। जाहिर है इस काम में आपकी त्वरित निर्णय क्षमता मददगार होगी। देखा गया है,कि कई,बार बहुत अच्छे आइडियाज पर भी ज्यादा विचार-विमर्श से लाभदायक अवसर हाथ से निकल जाता है।,ऐसे में अहम है कि आप अपनी निर्णय प्रकिया को सुगम बनाएं व वक्त रहते सही फैसला लें।



4. जोखिम को बनाएं तरक्की का औजार
जोखिम लेना सबके बस की बात नहीं होती। इसके लिए हिम्मत चाहिए। अपने फैसलों को सही साबित क रने की इच्छा शक्ति चाहिए। यदि आपके भीतर ये क्षमता है, तो बेहतर होगा कि इसे बाहर निकालिए और इसे अपनी तरक्की का औजार बनने दीजिए। अब तो स्वयं सरकार युवाओं की उद्यमशीलता बढाने हेतु प्रयासरत है। कुटीर उद्योग, छोटे मझोले उद्योगों के लिए सरकार की ओर से प्रशिक्षण केंद्रों, बैंक लोन व सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। लिहाजा वे युवा, जिनका रुझान इस क्षेत्र में है, इनकी मदद से कामयाबी के कीर्तिमान गढ सकते हैं।

5. आप करना क्या चाहते हो?
एक समारोह में बोलते हुए एप्पल के सह संस्थापक स्टीव जॉब्स ने बडे पते की बात कही थी कि आपकीजिंदगी का सबसे अहम पल वह होता है,जिसमें आप तय कर पाते हैं कि आपको करना क्या है। जब तक आप तय नहीं कर पाते कौन सा काम आपको सचमुच आनंद देगा, कौन सा काम है, जिसे आप बडा मानते हैं, कौन सा काम है,जिसे आप सबसे बेहतर तरीके से कर सकते हैं, उस काम को लगातर खोजते रहें। स्वरोजगार के क्षेत्र में इन शब्दों की बडी अहमियत है, जहां अपनी क्षमताओं, अपनी शक्तियों, रुचियों की तलाश अनिवार्य है। यदि एक बार आपने ऐसा कर लिया तो पीछे हटने की कोई वजह नहीं हैं।

स्किल्स

1. सॉफ्ट स्किल्स को बनाएं ढाल
आज के दौर में सॉफ्ट स्किल्स की अहमियत से कौन इंकार कर सकता है। बातचीत का बेहतर ढंग, एटीकेट्स, अंग्रेजी का सही इस्तेमाल इन्हीं में आता है। इन सबमें वो ताकत है, जो आपके कॅरियर के ग्रोथ इंजन को तेज कर सकता है। एक प्रतिष्ठित संस्था द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार जॉब्स में उन लोगों क प्रगति अपेक्षाकृत आसान होती है, जो सॉफ्ट स्किल्स में माहिर होते हैं।

2. अनवरत सीखने की जिज्ञासा
कॅरियर में सफलता के लिए भी आपको नई चीजें सीखने के प्रति उत्सुक रहना होेगा। कम्यूटर के छोटे मोटे एप्लीकेशन, राइटिंग, कम्यूनिकेशन, शॉर्ट टर्म कोर्सेस, डिस्टेंस लर्निग कोर्सेस, स्पीकिं ग, टाइपिंग, म्यूजिक यहां तक ड्राइविंग,मैकेनिकगिरी आदि ऐसे ही स्किल्स में शुमार होते हैं। बेहतर होगा कि आप जहां भी रहें, कुछ न कुछ अवश्य सीखते रहें।

3. मल्टी टास्किंग है समय की मांग
आप किसी संस्थान से जुडते हैं तो बेहतर होगा कि खुद को मल्टी टास्िकग में माहिर बनाएं। चाहें आप जॉब में हों या न हों, कामयाब होने के लिए टेक्नोसेवी होना भी अनिवार्य,है। टेक्नोसेवी होने का मतलब कंप्यूटर में दक्षता, सोशल नेटवर्किग की समझ, नेटसेवी, अलग-अलग कंप्यूटर एप्लीकेशन की नॉलेज होना है, जिनका इस्तेमाल जॉब के दौरान करते हैं तो कामयाबी के अवसर बढ जाते हैं।

4. बढाएं कम्युनिकेशन स्किल
मार्केटिंग, टीचिंग, कॉल सेंटर, वकालत समेत सभी क्षेत्रों में अच्छी कम्यूनिकेशन स्किल तरक्की का दूसरा नाम मानी जाती है। यदि आप इस कला में माहिर हैं,तो आपको बढने से कोई नहीं रोक सकता। विशेषज्ञों के अनुसार आज के जमाने में नौकरी पाना अहम है, लेकिन नौकरी में रहते हुए अपनी तरक्की की राह सुनिश्चित करना भी उतना ही अहम है। ऐसे में बढिया कम्यूनिकेशन स्किल आपके बहुत काम आएगी।

5. सीखें नतीजों पर मेहनत करने की कला
आपने ऊंचे आसमान में उडती हुई,चील को तो कई,बार देखा होगा, लेकिन आपमें से बहुत कम को मालूम होगा कि इन चीलों में सब्र बहुत होता है। एक बार अपने शिकार को देख लेने के बाद ये चीलें कई-कई दिनों, हफ्तों, महीनों अपने शिकार को बडी सावधानी से वॉच करती हैं और बेहतर मौका आते ही शिकार उनके पंजों में होता है। कॅरियर की मुट्ठी में कामयाबी की मजबूत पकड के लिए आप में चीलों जैसा धीरज होना जरूरी है। यदि आप करियर के किसी खास मुकाम की तलाश में हैं, तो अच्छा है कि आप नतीजों के लिए मेहनत करें।


SANTOSH PANDEY, LIBRARIAN

May 3, 2012

Important days of MAY--


Important days of MAY month--


LIBRARY KENDRIYA VIDYALAYA - BHADERWAH


Important days of MAY month


Month

Date

DAYS

MAY

1

INTERNATIONAL LABOUR DAY / MAHARASHTRA DAY

MAY

3

WORLD PRESS FREEDOM DAY

MAY

3

INTERNATIONAL ENERGY DAY

MAY

8

WORLD RED CROSS DAY

MAY

11

NATIONAL TECHNOLOGY DAY

MAY

13

NATIONAL SOLIDARITY DAY

MAY

15

INTERNATIONAL DAY OF THE FAMILIES

MAY

17

WORLD TELECOMMUNICATION DAY

MAY

21

ANTI-TERRORISM DAY

MAY

24

COMMONWEALTH DAY

MAY

29

MOUNT EVEREST DAY

MAY

31

ANTI-TOBACCO DAY

MAY

2nd SUNDAY

MOTHER’S DAY

MAY

6 – 12

WORLD NURSES WEEK



S K Pandey - Librarian

April 10, 2012

जनरल नॉलेज : छोटी लेकिन काम की बातें

पुस्तकालय, केंद्रीय विद्यालय - BHADARWAH

क्या तुम जानते हो?????????????????


- प्राणदायक वायु ऑक्सीजन की खोज जोसेफ प्रिस्टले ने की।



- फूलों के अरेंजमेंट की जापानी आर्ट को इकेबाना कहा जाता है।


- दुनिया की सबसे बड़ी नदी नील नदी है।

- दुनिया के सबसे बड़े जलप्रपात नियाग्रा फॉल की खोज लुईस हेन्नेपिन ने की।


- नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1895 में की गई।


- तिब्बत को सामान्यत: दुनिया की छत कहा जाता है।


- पेरिस के एफिल टॉवर का निर्माण अलेक्जेंडर एफिल ने करवाया था।


- मशहूर मोनालिसा की तस्वीर लियोनार्डो द विंसी द्वारा बनाई गई।


- ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है।


- दुनिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान सहारा है।


- दुनिया का सबसे बड़ा महासागर प्रशांत महासागर है।


- ऑस्ट्रेलिया की खोज जेम्स कुक ने की थी।


- 15 अगस्त को भारत के साथ-साथ दक्षिण कोरिया भी अपने स्वाधीनता पर्व को मनाता है।


- न्यूयॉर्क शहर का निक नेम बिग एप्पल है।
 
द्वारा- संतोष पाण्डेय

April 7, 2012

जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्री¨डग----

LIBRARY, KENDRIYA VIDYALAYA - BHADERWAH


अधिक उपज और सुरक्षित पर्यावरण



डीएनए जीवन का आधार है। जेनेटिक तकनीक के माध्यम से डीएनए में फेरबदल किया जाता है और पेड-पौधों में अच्छे गुणों को विकसित किया जाता है। जेनेटिक तकनीक के द्वारा ही रोग प्रतिरोधक फसलें और सूखे में पैदा हो सकने वाली फसलों का उत्पादन किया जाता है। इसके जरिए पेड-पौधों में ऐसे गुण विकसित किए जाते हैं, जिसकी मदद से इनके अंदर बीमारियों से लडने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित की जाती है। इसी तकनीक की मदद से फूड भी तैयार किस जाते हैं जो जीएम यानी जेनेटिकली मॉडिफाइड फूड के रूप में जाने जाते हैं। आज देश एवं विश्व के परिदृश्य पर एग्रीकल्चर को नई दिशाएं, आयाम, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्लांट जेनेटिक्स साइंटिस्टों का बहुत बडा योगदान है। एग्रीकल्चर में नई प्रजातियों, हाईब्रिड बीजों को प्लांट जेनेटिक्स साइंटिस्ट के नेतृत्व में विकसित किया जाता है। फल-फूलों की नवीन प्रजातियां किसी का भी मन मोह लेती हैं। वर्तमान में इस फील्ड के जानकारों की डिमांड सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में खूब है। अगर आप इस क्षेत्र में आना चाहते हैं, तो आपके लिए बेहतरीन कॅरियर विकल्प हो सकता है।






कला भी है और विज्ञान भी






प्लांट ब्रीडिंग (पादप प्रजनन) कला व विज्ञान के साथ ही शौक और व्यवसाय भी है। इसके द्वारा नई पादप प्रजातियां, हाईब्रिड, नई फसलों व पौधों के विकास से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा की कडी को मजबूत बनाने में आप अपना योगदान दे सकते हैं। इस फील्ड के प्रोफेशनल्स विभिन्न प्रकार के कीट व्याधि अवरोधी, सूखा ऊसर एवं बाढ अवरोधी प्रजातियों का विकास कर लाखों लोगों को भुखमरी से बचा सकते हैं। किसानों को समृद्वि एवं आत्मनिर्भर बनाने को इसके प्रोफेशनल्स कई तरह के वर्क करते रहते हैं। यही कारण है कि जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग का अध्ययन करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या दिन प्रतिदिन बढती जा रही है।






जरूरी स्किल्स






1. पेड-पौधों के प्रति लगाव


2. नेतृत्व क्षमता


3. पारखी नजर


4. साइंस के प्रति समर्पण


5. फील्ड व लैब में सतत प्रयत्न करने का विश्वास


6. आंकडों का संग्रहण एवं विश्लेषण क्षमता






एजूकेशनल क्वालिफिकेशन






यदि आप ने किसी भारतीय विश्वविद्यालय या संस्थान से बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी हार्टिकल्चर, बीएससी फॉरेस्ट्री तथा बीएससी बायोलॉजी की उपाधि अर्जित की है या फिर फाइनल ईयर की परीक्षा दी है तो आप एमएससी जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग से रिलेटेड कोर्सो में प्रवेश लेने का आवेदन कर सकते हैं।






जॉब की संभावनाएं






कृ षि विश्वविद्यालयों, डीम्ड यूनिवर्सिटियों, केन्द्रीय विश्वविद्यालय में जूनियर प्लांट ब्रीडर या असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नौकरी की शुरुआत कर सकते हैं। इसके अलावा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के केन्द्रीय कृषि अनुसंधान संस्थानों, राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्रों, फसल शोध निदेशालयों एवं राष्ट्रीय पादप अनुवांशिकी संसाधन ब्यूरो में कृषि शोध सेवा द्वारा वैज्ञानिक पादप प्रजनन, जेनेरिस्ट, साइटो जेनेटिक्स के रूप में कार्य कर सकते हैं। जिस स्टूडेंट ने विश्वस्तरीय शोध करने का सपना देखा है, वह अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शोध संस्थानों में डॉक्टोरल रिसर्च, एसोसिएटशिप तथा उपलब्धियों के आधार पर अन्तरराष्ट्रीय कृषि सेवा में नियुक्तिपा सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रदेशों के महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति पा सकते हैं। प्राइवेट क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शोध सीड कम्पनियों में आज इस फील्ड के जानकारों की खूब डिमांड है। आप अपनी सीड कम्पनी खोलकर लोगों को रोजगार दे सकते हैं।






प्रमुख कोर्स


 M.Sc in Genetics


 M.Sc in Genetics and Plant Breeding


 M.Sc in Plant Breeding


 M.Sc in Agril. Botany

 M.Phil in Genetics and Plant Breeding


Ph-D Genetics


Ph.D.Genetics and Plant Breeding


Ph.D. Plant Breeding


Ph.D. Agril. Botany






कहां से करें कोर्स






1. इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली


2. चंद्रशेखर आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, कानपुर

3. चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, हरियाणा


4. सेंट्रल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, इंफाल


5. गोविन्द बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, पंतनगर


6. पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, लुधियाना


7. नरेन्द्र देव यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, फैजाबाद


8. सरदार बल्लभभाई पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी मेरठ


9. यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंस धारवाड, कर्नाटक






आत्मसंतुष्टि के साथ अपार संभावनाएं






जेनेटिक्स एंड प्लांट बीडिंग ऐसा सब्जेक्ट है, जो आत्मसंतुष्टि के साथ देश की प्रगति में अहम भूमिका निभाता है। अगर आपने सपना देखा है कि देश ही नहीं विश्व में कोई खाली पेट न सोये, तो फसलों का उत्पादन आप डीप अध्ययन और रिसर्च कर बढा सकते हैं। विकसित देश आज भुखमरी से जूझ रहे हैं। अफ्रीकी देशों में अपनी सेवा देकर मानव कल्याण एवं शांति में अपना योगदान दे सकते हैं। रोजगार की दृष्टि से इसमें अपार संभावनाएं हैं। पोस्टग्रेजुएशन और रिसर्च करने के बाद आप देश ही नहीं विदेश में नेम के साथ फेम कमा सकते हैं।


by- S.K.Pandey, Librarian